Top News

Understanding the Ritual of Sprinkling Water Before Meals in Hindu Tradition
Gyanhigyan english | May 8, 2026 9:39 AM CST

Significance of Sprinkling Water Before Meals

हिंदू धर्म में कई प्रकार की रीति-रिवाज और परंपराएं हैं, जिनका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व होता है। आपने देखा होगा कि जब बड़े बुजुर्ग भोजन शुरू करते हैं, तो वे पहले थाली के चारों ओर पानी छिड़कते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि यह जल छिड़कने का कारण क्या है? आइए, इसे समझते हैं।


जल छिड़कने की परंपरा

भोजन से पहले थाली के चारों ओर जल छिड़कना या मंत्रों का उच्चारण करना एक प्राचीन परंपरा है। इसे विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत में इसे आमचन और चित्र आहुति कहा जाता है, जबकि तमिलनाडु में इसे परिसेशनम के नाम से जाना जाता है।


धार्मिक महत्व

भोजन की थाली के चारों ओर जल छिड़कने का एक महत्वपूर्ण धार्मिक कारण है। यह अन्न देवता के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका है। इससे अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं, और उनके आशीर्वाद से भक्तों के घर में हमेशा समृद्धि बनी रहती है।


वैज्ञानिक दृष्टिकोण

जल छिड़कने का एक वैज्ञानिक कारण भी है। प्राचीन समय में लोग अक्सर जमीन पर बैठकर भोजन करते थे, जिससे कीड़े-मकोड़े उनके खाने के पास आ जाते थे। जब थाली के चारों ओर पानी छिड़क दिया जाता था, तो ये कीड़े भोजन में नहीं आ पाते थे। इसके अलावा, पानी से आसपास की धूल भी बैठ जाती थी।


अन्य खाने से जुड़ी परंपराएं

एक और प्रचलित परंपरा यह है कि जब लोग भोजन करना शुरू करते हैं, तो वे उसका कुछ हिस्सा थाली में या बाहर रख देते हैं। यह भगवान को पहला भोग अर्पित करने का तरीका होता है। कुछ लोग इसे अलौकिक शक्तियों या पूर्वजों के नाम पर भी मानते हैं।


जब हम बाहर किसी पार्क या खुली जगह पर खाना खाते हैं, तो भोजन का कुछ हिस्सा वहां डाल देते हैं। इससे बुरी शक्तियां भोजन की खुशबू से आकर्षित नहीं होतीं, क्योंकि उन्हें लगता है कि हमने यह हिस्सा उनके सम्मान में दिया है।



READ NEXT
Cancel OK